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Aatmbodh Sunsthan is a Charitable Organization founded by physically Disabled persons for supporting differently abled person.


“ आत्मबोध संस्थान ”

कोई न कोई रास्ता तो हमेशा ही होता है !

गोंडा जिले के मुख्यालय से ४७ किलोमीटर की दूरी पर मसकनवां बाजार है मसकनवा बाजार स्वामी नारायण छपिया ब्लॉक के अंतर्गत आने बाले सभी क्षेत्रों में सबसे बड़ी बाजार है इस बाजार से ६ किलोमीटर की दूरी पर धानेपुर ग्रामसभा के अंतर्गत मिर्जापुर एक बहुत ही छोटा सा गांव है जिसमे मात्र १७ घर हैं, उन्ही घरों में से एक घर है श्री रघुनाथ प्रसाद त्रिपाठी का जिसमे आत्मबोध संस्थान का पंजीकृत कार्यालय है इस कार्यालय का उद्द्येश्य हमारे प्रदेश में उपस्थित सभी दिव्यांग बंधुओं को सरकारी तंत्र के सभी उपस्थित माध्यमों पर लेकर आना, उनको संचार के सभी माध्यमों से सक्रीय रूप से जोड़ना, उनको आवागमन के सर्वोचित संसाधन उपलब्ध करना, उनकी विकलांगता के अनुरूप आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाना,उपलब्ध माध्यमों से धन एकत्रित करके उनको रोजगार परक शिक्षा देकर उनके लिए स्थाई रोजगार की व्यवस्था करना मात्र है. आत्मबोध संस्थान एक पंजीकृत समिति है जिसका पंजीकरण समितियों के पंजीकरण अधिनियम १८६० के पैरा २१ के तहत दिनांक १७ नवम्बर २०१७ को माननीय उपनिबन्धक महोदय जनपद फैज़ाबाद द्वारा किया गया है मैं स्वयं विकलांग हूँ व भलीभांति शिक्षित हूँ तथा संचार के सभी उपलब्ध माध्यमों को जानता एवं समझता हूँ अपने आसपास विकलांगों की स्थिति देखने के पश्चात मैंने जो अनुभव किया है उसके अनुसार मैं यह कह सकता हूँ की शिक्षा एवं सूचनाओं के आभाव के कारण यह लोग ऐसा जीवन जीने को मजबूर हैं जिस जीवन की एक सभ्य आदमी कभी कल्पना भी नहीं कर सकता, ऐसे लोग भी हमारे इसी समाज में रहते हैं जिनको १५-२० वर्ष तक कोई नाम नहीं दिया गया पोलियो के कारन उनके शरीर में जो विकृति है वही उनकी पहचान है वही उनका नाम है, इन सब परिस्थितियों को जानने के बाद मेरा मन बहुत खिन्न हुआ, मैंने इनलोगों के लिए प्रयास करना प्रारम्भ कर दिया समय के साथ साथ लोग जुड़ते गए कुछ लाभान्वित भी हुए जब यह संख्या अधिक बढ़ गई तो मुझे लगा की यह संस्थागत होना चाहिए और इस सम्बन्ध में अपने भाइयों व परिवार से मदत मांगी उन्होंने जितना भी धन सारा कार्य पूर्ण होने में लगना था दे दिया व बढ़ चढ़कर मेरे हर कार्य में हिस्सा भी लिया आज दिनांक 24/12/2018 तक बभनजोत ब्लॉक, छपिया ब्लॉक ,मनकापुर ब्लॉक,झझरी ब्लॉक, गोंडा ब्लॉक ,परसपुर ब्लॉक , कर्नलगंज ब्लॉक, कटरा ब्लॉक और बेलसर ब्लॉक में आत्मबोध संस्थान के सर्वेक्षण व सहायता कार्य कर रही है,
हम दिव्यांग बंधुओ को कम-से-कम लागत (Rs. 20 मात्र) में डिजिटल दिव्यांग प्रमाणपत्र व विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र पूर्णतया निःशुल्क प्रदान करते हैं और प्रमाणपत्र बनने के पश्चात दिव्यांग बंधू जिस भी उपकरण के पात्र हैं उसका आवेदन पूर्ण करवा कर सम्बंधित विभाग को समय पर पंहुचा दिया जाता है और प्रयास किया जाता है की न्यूनतम समयावधि व न्यूनतम लागत(दिव्यांग व्यक्ति के अवागमनं के खर्चे) में उन्हें उपकरण दिलाया जा सके इस कार्य को सफलता पूर्वक करने हेतु हम वर्तमान समय में गोंडा जनपद में 3 अभियान चला रहे हैं दिव्यांग प्रमाणपत्र अभियान AS11018, विशिष्ट दिव्यांगता पहचानपत्र पंजीकरण अभियान2017-2018 व् विशिष्ट रेलवे यात्रा पहचान पत्र-2018, ये अभियान पिछले एक वर्ष से निरंतर चल रहा है जिसमे अब तक सैकड़ो व्यक्ति लाभान्वित हो चुके हैं व निरंतर हो रहे हैं हमारा प्रयास है इनमें उत्पादकता लाना जिसके लिए हम दिन रात म्हणत कर रहे हैं कोई ऐसा दिन नहीं निकलता जब हमसे ८ से १० दिव्यांग बंधू जुड़ते न हों...... !!! कुछ अच्छा करने के प्रयास में….!!! मास्टर दीपक त्रिपाठी संस्थापक आत्मबोध संस्थान 15 मिर्ज़ापुर गायघाट मसकनवा गोंडा उत्तर प्रदेश 271305 !